एनएसवी लाभार्थी पुरुषों को जीवन साथी से मिला सम्मान, 'पुरुषों ने परिवार नियोजन अपनाया, सुखी परिवार का आधार बनाया'











बीकानेर (सीके न्यूज/छोटीकाशी)। पुरुष नसबंदी के लाभ बताने, इससे जुड़े भ्रम तोडऩे और सेवा लाभार्थियों के अनुभव जानने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग बीकानेर ने अनूठी पहल करते हुए तीसरा एनएसवी सम्मेलन आयोजित किया। इससे पूर्व 2018 व 2019 में एनएसवी सम्मेलन आयोजित किए गए थे। पुरुष नसबंदी पखवाड़े के सेवा वितरण सप्ताह के अंतर्गत यहां स्वास्थ्य भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में एनएसवी करवा चुके पुरुषों को सपत्नीक आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। डिप्टी सीएमएचओ (परिवार कल्याण) डॉ योगेन्द्र तनेजा ने बताया कि एनएसवी करवाकर परिवार कल्याण की जिम्मेदारी स्वयं पर लेने वाले व्यक्तियों को उनकी पत्नियों ने वरमाला पहनाकर अभिनन्दन किया। कार्यक्रम में सभी दम्पतियों ने अपने-अपने अनुभव बताए कि कैसे उन्हें पुरुष नसबंदी की जानकारी मिली, कैसे वे प्रेरित हुए, प्राप्त सेवाओं की गुणवत्ता कैसी थी और अब वे कैसा अनुभव करते हैं ? सभी लाभार्थियों ने एनएसवी की पुरजोर वकालत की। संयुक्त निदेशक डॉ देवेन्द्र चौधरी ने बताया कि महिला नसबंदी एक पूर्ण शल्य क्रिया है जिसमें समय भी लगता है और उसके बाद आराम व एहतियात की आवश्यकता होती है जबकि एनएसवी के बाद लाभार्थी सीधा काम पर जा सकता है और किसी प्रकार की कमजोरी नहीं होती। ऐसे में एनएसवी में ही समझदारी है। उपनिदेशक डॉ राहुल हर्ष ने कहा कि महिलाओं पर परिवार कल्याण का भार डालने का कोई औचित्य नहीं है। परिवार में बाकी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाने वाले पुरुषों को ये जिम्मेदारी भी अपने पर लेनी चाहिए। आरसीएचओ डॉ राजेश गुप्ता, डिप्टी सीएमएचओ स्वास्थ्य डॉ लोकेश गुप्ता व सहायक लेखाधिकारी अनिल आचार्य ने सभी से एनएसवी के ब्रांड अम्बेस्सेडर बन कर समाज में इसके लिए सकारात्मक माहौल बनाने में सहयोग करने की अपील की जिसे स्वीकार करते हुए दम्पतियों ने विभाग द्वारा बुलाए जाने पर विभिन्न कार्यक्रमों में योग्य दम्पतियों को प्रेरित करने का वचन दिया। परिवार सेवा संस्थान की ओर से तैयार अस्थाई साधनों की किट का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। संस्थान की अध्यक्षा सुपर्णा मेहता द्वारा आभार स्वरुप उपहार दिए गए। कार्यक्रम का संचालन जिला आईईसी समन्वयक मालकोश आचार्य ने जबकि प्रबंधन एएसओ नवनीत आचार्य, भंवर सिंह देवड़ा व अनिल सोनगरा ने किया। इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. ओमप्रकाश चाहर भी मौजूद थे।  


क्या है एनएसवी ?

डिप्टी सीएमएचओ (परिवार कल्याण) डा योगेन्द्र तनेजा ने एनएसवी यानिकी नॉ स्केलेपल वेसेक्टोमी की सम्पूर्ण विधि संक्षेप में बताते हुए स्पष्ट किया कि ये बिना चीरा, बिना टांका, बिना दर्द की और 5 मिनट में पूर्ण होने वाली आसान सी प्रक्रिया है जो हर लिहाज से सुरक्षित और उत्कृष्ट विधि है जिसे अपनाने वाले बहुत संतुष्ट हैं। सरकार द्वारा प्रोत्साहन स्वरुप 2000 रूपए भी दिए जाते हैं।