7 days journey : A special training programme for practical knowledge,  बेसिक में virtual seminar का शुभारम्भ सोमवार से


7 days journey : A special training programme for practical knowledge,  बेसिक में virtual seminar का शुभारम्भ सोमवार से
      
 बीकानेर। यहां नया शहर स्थित बेसिक पी.जी. महाविद्यालय में विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों के लिए चाहे वह किसी भी कक्षा विशेष से संबंधित हो, उनका प्रायोगिक ज्ञान एवं रसायनविज्ञान, भौतिकविज्ञान, प्राणिविज्ञान, वनस्पतिविज्ञान का हमारी दैनिक दिनचर्या में क्या योगदान है एवं इनके माध्यम से हम किसी विषय पर किस प्रकार पूर्णता प्राप्त कर सकते हैं यह बताया जायेगा। इसके लिए 7 days journey : A special training programme for practical knowledge,  बेसिक पीजी कॉलेज में virtual seminar का शुभारम्भ सोमवार से होगा। इसके लिए विषय विशेषज्ञों की एक टीम जो कि पिछले 10-12 वर्षों से इसी विषय पर शोध हेतु अध्यनरत है। यही नहीं महाविद्यालय का उच्च गुणवता का स्टाफ इसमें सहयोगी के रूप में कार्य करेगा तथा महाविद्यालय के नियमित अध्ययनरत सीनियर छात्र-छात्राओं द्वारा अपने सुझाव एवं अनुभव साझा किये जायेंगे। कार्यक्रम की संयोजक डाॅ. सीमा चावला ने बताया कि पूर्व में महाविद्यालय द्वारा इस तरह का एक कार्यक्रम आयोजित किया जा चुका है, जिसमें कक्षा 11 एवं 12 के स्कूली छात्र-छात्राओं ने भाग लिया एवं उन्होंने काॅलेज लाईफ एवं उस दौरान व्यक्ति के कैरियर चयन को भी जाना। इसे पूरे कार्यक्रम में शहर की 25 स्कूलों से लगभग 700 बच्चों ने सहभागिता निभाई।
महाविद्यालय प्राचार्य डाॅ. सुरेश पुरोहित ने बताया कि इस कार्यक्रम में अभी वर्तमान में कक्षा 12 उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थी अपने कैरियर के लिए सही इंस्टीट्यूट का चयन स्वयं कर सकते हैं ताकि विद्यार्थियों को कोरोना काल के दौरान शिक्षा को लेकर आ रही चुनौतियों को आगामी भविष्य में ढाल न बनाना पड़े एवं विद्यार्थी अपने भविष्य का निर्माण स्वयं कर सके।
कार्यक्रम के सह-संयोजक सौरभ महात्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सभी विषयों का आॅनलाईन प्रायोगिक शिक्षण एवं उनकी गुणवत्ता के बारे में बताया जायेगा तथा सैद्धान्तिक ज्ञान के साथ-साथ क्रियात्मक ज्ञान भी आवश्यक है ताकि विद्यार्थी सीखने के नजरिये में बदलाव ला सके। कार्यक्रम में महाविद्यालय व्याख्याता वासुदेव पंवार, डाॅ. रमेश पुरोहित, श्रीमती मीनाक्षी पुरोहित, मोहित गहलोत, सुश्री श्वेता पुरोहित व नरेश व्यास आदि ने एक टीम के रूप में कार्य किया है।