सचिन के जन्मदिन पर महाकाल में पूजन-अभिषेक, दिल्ली-राजस्थान में रक्त दान शिविरों में कायकर्ताओं-समर्थकों ऐतिहासिक जोश




जीवदया के साथ अनेक जगहों पर हुए सामाजिक व रचनात्मक कार्यक्रम


जयपुर/उज्जैन/बीकानेर। 7 सितम्बर को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट का 43वां जन्मदिन देश के विभिन्न शहरों में मनाया गया। राजस्थान में तो कांग्रेस के कार्यकर्ताओं-समर्थकों ने जोशीले व एक तरह से दोगुने उत्साह के साथ मनाया। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व विख्यात ज्योतिर्लिंग बाबा श्री महाकालेश्वर मंदिर में पुजारी श्री राजेश गुरु जी की निश्रा में पूजन अभिषेक किया गया। वहीं दिल्ली, जयपुर व बीकानेर सहित के राजस्थान सभी लगभग सभी विधानसभा क्षेत्रों में रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। कई विधानसभा क्षेत्रों में एक से अधिक स्थानों पर शिविर लगाए गए। बीकानेर में समन्वयक प्रह्लाद सिंह मार्शल के निर्देशन में बड़ी संख्या में युवाओं ने रक्तदान किया, इसके बाद गायों को हरा चारा-गुड़ आदि भी खिलाया गया। माना जा रहा है कि जन्मदिन के बहाने पायलट ने प्रदेशभर में शक्ति परीक्षण किया है। यह शक्ति परीक्षण तब हुआ है, जब प्रदेश प्रभारी महासचिव अजय माकन 8 सितम्बर को अजमेर आ रहे हैं। तय कार्यक्रम के मुताबिक माकन आठ सितम्बर को जयपुर तथा  9 सितम्बर को अजमेर संभाग के कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। अजय माकन का संवाद अपनी जगह है, लेकिन 7 सितम्बर को पायलट ने यह दर्शाया कि प्रदेशाध्यक्ष और डिप्टी सीएम का पद छीन लिए जाने के बाद भी उनकी लोकप्रियता में कमी नहीं हुई है। समर्थकों ने पायलट के जन्मदिन पर पहले की तरह लाखों रुपए के विज्ञापन अखबारों में दिए हैं। कोरोनाकाल व लोकडॉऊन के बावजूद समर्थकों ने पायलट का जन्मदिन सामाजिक सरोकारों, जीवदया, जरूरतमंदों की मदद, कोरोना वॉरियर्स के सम्मान के साथ अनेक रचनात्मक कार्यक्रमो के साथ मनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। रक्तदान शिविरों में कार्यकर्ताओं और गुर्जर समाज के युवकों की भीड़ से भी प्रतीत हुआ कि पायलट की लोकप्रियता बरकरार है। अब चाहे कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर प्रभारी महासचिव अजय माकन हाईकमान को कुछ भी रिपोर्ट दें, लेकिन पायलट ने तो फील्ड की रिपोर्ट प्रदर्शित कर दी है। हालांकि जन्मदिन के कार्यक्रमों में किसी भी विधानसभा क्षेत्र में वो विधायक सक्रिय नहीं दिखें जो एक माह तक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ जयपुर और जैसलमेर की होटलों में रहे थे। अलबत्ता जो 18 विधायक सचिन पायलट के साथ एक माह तक दिल्ली में रहे, उनमें से अधिकांश जन्मदिन के मौके पर सक्रिय रहे। 7 सितम्बर को जिस तरह प्रदेशभर में जन्मदिन मनाया गया, उससे पायलट भी उत्साहित नजर आए। प्रदेशभर की रिपोर्ट लेने के बाद पायलट दोपहर को ही दिल्ली पहुंच गए। दोपहर में फेसबुक के माध्यम से संवाद संदेश देते हुए उन्होनें सभी को वर्तमान दौर में सावधानियां बरतने की सीख दी तथा शुभकामनाएं प्राप्त करते हुए सभी का आभार जताया। उधर पता चला कि सीएम अशोक गहलोत ने न केवल पायलट को बधाई दी, बल्कि सरकारी अस्पतालों के माध्यम से रक्तदान शिविरों को सफल भी बनवाया। पायलट के जन्मदिन पर अधिकांश शिविर चिकित्सा विभाग के सहयोग से लगे हैं। एकत्रित रक्त सरकारी अस्पतालों में ही जमा हुआ है। हालांकि रक्तदान शिविरों में चिकित्सा विभाग हमेशा सहयोग करता है, लेकिन 7 सितम्बर के शिविरों का विशेष ख्याल रखा गया। इतना ही नहीं किसी भी कार्यकर्ता को जन्मदिन के कार्यक्रमों में भाग लेने से नहीं रोका गया। यही वजह रही कि किसी भी स्थान पर टकराव देखने को नहीं मिला। कांग्रेस के अंदरुनी सूत्रों के अनुसार रक्तदान शिविरों के लिए मुख्यमंत्री की ओर से विशेष निर्देश दिए गए थे। हालांकि चिकित्सा विभाग रघु शर्मा के पास है, लेकिन 7 सितम्बर को सीएम ने विशेष निगरानी की। गहलोत के इस बदले रुख के कई मायने हैं। अब देखना है कि 8 सितम्बर से जब अजय माकन संभाग स्तर पर दरबार लगाएंगे, तब कैसा माहौल रहता है।  हालांकि कई कांग्रेसी नेता पायलट के जन्मदिन के कार्यक्रमों से दूर रहे। लेकिन फिर भी पायलट समर्थकों में खास उत्साह देखा गया।


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