सूर्य साइकिल से घटती है पृथ्वी पर महामारी जैसी घटनाएं : संवित आशीषजी / कोविड वैक्सीन की खोज यूएस में ही संभव, मार्च 21 तक कसेगा कोरोना पर शिकंजा


 


गोल्ड निवेश ग्लोबली फायदेमंद, वर्ष 2023 तक अर्थव्यवस्था रहेगी डावाडोल


दुबई/मुंबई (छोटीकाशी डॉट पेज)। यूनिवर्स में कहीं कोई घटना हो तो उसका प्रभाव पृथ्वी पर भी होना लाजमी है। वर्तमान समय में वैश्विक महामारी कोविड-19 भी इसी घटनाक्रम का हिस्सा है। प्रत्येक 11 वर्ष में सूर्य पर एटॉमिक विस्फोट (सोलर साइकिल) होते हैं। वह बढ़ते हैं तब-तब पृथ्वी पर अलग-अलग तरह की त्रासदी, आपदाओं सरीखी घटनाएं होती है। इसी में इतिहास के विश्वयुद्ध, फ्लू, फ्लैग सहित अनेक प्राकृतिक आपदाएं महामारियां शामिल है। यह कहना है विश्व विख्यात ज्योतिर्विद एवं वास्तुविद संवित आशीषजी का। बीकानेर मूल के आशीषजी दुबई में प्रवासित है तथा हाल ही मुंबईवासियों के सेवाभावी समूह के लोगों के साथ "ज्योतिष का आज के संदर्भ में महत्व", वास्तु सहित विविध पहलुओं पर ऑनलाइन मीटिंग के माध्यम से एक संवाद हुआ। जिसमें अनेक उम्र, वर्ग के लोगों ने आशीषजी से कोविड-19, वैक्सीन खोज, अर्थव्यवस्था व निवेश सहित के भारत के भविष्य सम्बंधित अनेक विषयक जिज्ञासाओं का भी समाधान पाया। एक चार्ट के माध्यम से आशीषजी ने तथ्यात्मक घटनाक्रमों का सोलर साइकिल से सिलसिलेवार विस्तृत उल्लेख किया। जिसे नासा भी फॉलो करता है। प्रश्नोत्तरी सत्र में आशीषजी ने बताया कि वेस्टर्न कंट्री द्वारा अर्थात यूएस में ही कोविड-19 की वैक्सीन तैयार होगी, जो कि इस वर्ष के सितंबर माह तक तथा नवंबर से मार्च 2021 तक वैक्सीन की उपलब्धता के बाद लोगों में कोरोना के शिकंजे अर्थात कॉन्फिडेंस आएगा। यानी कुल मिलाकर अगले वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक ही कोरोना के खात्मे के आसार संभव होंगे। आशीषजी ने निवेश से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि इस समय प्रत्येक व्यक्ति अपनी जन्म कुंडली के हिसाब से जमीन, गोल्ड, इक्विटी में निवेश कर लाभ प्राप्त कर सकता है, लेकिन ग्लोबली सोने में निवेश ही लाभकारी रहेगा। वर्ष 2023 तक भारतीय अर्थव्यवस्था के डावांडोल रहने की भविष्यवाणी करते हुए आशीषजी ने कहा कि साल 2024-25 व 2030 में भी विश्व पटल पर इसी प्रकार आपदाओं जैसी परिस्थितियां घटित होंगी। इससे पूर्व गणित के जन्म को ज्योतिष से होना बताते हुए इसके इतिहास पर भी उन्होंने प्रकाश डाला। कॉन्शियस एवं सबकॉन्शियस माइंड की विस्तृत व्याख्या की। उन्होंने कहा ज्योतिष एक विज्ञान है तथा उसे प्रेडिक्ट करना आर्ट है। ज्योतिष की जानकारी व्यक्ति के जीवन को सरलता से आगे बढ़ाने में मददगार साबित होती है। धर्म को जीवन का संविधान बताते हुए वह यह भी बोले कि वर्तमान परिपेक्ष में ज्योतिष धर्म के साथ जुड़कर अधिक सफलता के साथ संपादित हो रहा है। वैश्विक स्तर पर करीब 80 हजार से अधिक होरोस्कोप जिनमें चैस चैंपियन्स, सेना के उच्च अधिकारी, स्पोर्ट्स पर्सन व बड़े उद्योगपतियों-राजनेताओं का अध्ययन-गणना कर चुके आशीषजी ने मय उदाहरण के यह भी बताया कि एक राजनीतिक व्यक्ति जो कि सरपंच, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जैसे पद पर सुशोभित है, मगर सभी का पोलिटिकल इफेक्ट का दायरा होता है। उसे अपनी ऊर्जा व पोटेंशियल से इम्प्रूव किया जा सकता है। रोहन कुमार ने इस ऑनलाइन जूम मीटिंग का संचालन किया।


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