राजस्थान के 22 जिलों में वेटरनरी विश्वविद्यालय का फैलाव, अल्पसमय में बना मल्टीफैकल्टी विश्वविद्यालय





बीकानेर, 18 मई (सीके न्यूज/छोटीकाशी)। राजस्थान के बीकानेर संभाग मुख्यालय पर स्थित वेटरनरी विश्वविद्यालय की स्थापना के ग्यारह वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में मंगलवार को 'नई शिक्षा नीति, पशुचिकित्सा शिक्षा : परिदृश्य एवं संभावनाएं' विषय पर ऑनलाइन परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रो विष्णु शर्मा, प्रो के.एम.एल. पाठक, पूर्व उपमहानिदेशक आईसीएआर, नई दिल्ली, प्रो इन्द्रजीत सिंह, कुलपति, गुरू अंगद देव पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, लुधियाना, भारतीय पशु चिकित्सा परिषद् के अध्यक्ष डॉ उमेश चन्द्र शर्मा, पूर्व कुलपति प्रो. ए.के.गहलोत, राजुवास के बोर्ड ऑफ  मैनेजमेट के सदस्य उद्योगपति अशोक मोदी, डॉ अमित नैन, पूर्व अधिष्ठाता प्रो बी.के. बेनिवाल एवं प्रो. राकेश राव ने भी परिचर्चा में अपने विचार रखे। प्रो. विष्णु शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, अनुसंधान एवं प्रसार क्षेत्रों में प्रगति को प्रजेटेशन के माध्यम से बताया एवं कहा कि विश्वविद्यालय का राज्य के 22 जिलों में फैलाव हो चुका है। उन्होंने मुख्य उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए बताया की राज्य सरकार ने हाल ही में नावा, नागौर में नवीन पशुचिकित्सा महाविद्यालय की घोषणा की थी जिसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर एवं मानव संसाधन हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। विश्वविद्यालय के तीनों वेटरनरी महाविद्यालयों को भारतीय पशु चिकित्सा परिषद् द्वारा मान्यता, विश्वविद्यालय को यू.जी.सी. 12 बी की मान्यता, पशुधन अनुसंधान फार्मों की कृषि भूमि का जैविक प्रमाणिकरण, राज्य सरकार द्वारा डेयरी साईंस और टेक्नोलॉजी महाविद्यालय एवं डेयरी और फूड टेक्नोलॉजी महाविद्यालय के लिए घोषणा, जयपुर स्थित दुग्ध जाँच प्रयोगशाला का एनएबीएल प्रमाणिकरण, नये पशु विज्ञान केन्द्रों की स्थापना प्रमुख है। बहुत ही अल्प समय में राजुवास एक मल्टीफैकल्टी विश्वविद्यालय बन गया है। इस अवसर पर वेटरनरी विश्वविद्यालय के जनसम्पर्क प्रकोष्ठ द्वारा प्रकाशित राजूवास ई.बुलेटिन, प्रसार शिक्षा निदेशालय द्वारा प्रकाशित 'पशुपालन नए आयाम' पशुधन चारा संसाधन प्रबंधन एवं तकनीक केन्द्र द्वारा प्रकाशित पशु आहार एवं चारा बुलेटिन का विमोचन किया गया। चार घंटे तक चली परिचर्चा के दौरान राजुवास की प्रगति विषय पर एक लघु फि ल्म का प्रदर्शन भी किया गया। आयोजन सचिव प्रो राजेश कुमार धूडिय़ा, निदेशक प्रसार शिक्षा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रो संजीता शर्मा डीन, पीजीआईवीईआर जयपुर की चेयरमैनशिप में डॉ रजनी जोशी, डॉ बरखा गुप्ता एवं डॉ मितेश गौड़ के संयोजन में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

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