बीकानेर की रणबांकुरा डिवीजन की ओर से चूरु पहुंची स्वर्णिम विजय मशाल, वीरांगना व पूर्व सैनिकों का सम्मान




बीकानेर, 03 अप्रेल (सीके न्यूज/छोटीकाशी)। 16 दिसम्बर 1971 को भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान पर ऐतिहासिक जीत के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में इस वर्ष को स्वर्णिम विजय वर्ष के रुप में मनाया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा नेशनल वार मेमोरियल से ज्योति प्रज्जवलित करके 4 स्वर्णिम विजय मशालों को भारत के विभिन्न प्रांतों में जनदर्शन हेतू रवाना किया गया वही स्वर्णिम विजय मशाल शनिवार को चूरु पहुंची। बीकानेर से सेना की रणबाँकुरा डिविजऩ की ओर से स्वर्णिम विजय मशाल यात्रा एक्स सर्विस्मेन कैंटीन चूरु से शहीद स्मारक से होते हुवे केंद्रीय विद्यालय तक पहुंची। शहीद स्मारक चूरु पर सेवानिवृत्त आर्मी अफसर कर्नल भीम सिंह शेखावत ने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को याद किया। वहीं केंद्रीय विद्यालय में 1971 में शहीद हुवे जवानों व अधिकारियों के बलिदान की गाथा के बारे में बताया। साथ ही वीर शहीदों की वीरांगना व पूर्व सैनिकों को शाल देकर सम्मानित किया गया। सम्मानितों में श्रीमती कौशल्या देवी पत्नि स्वर्गीय ग्रीनेडीयर रामकुमार (यूनिट-15 ग्रीनेडीयर), श्रीमती मयामत पत्नि स्वर्गीय ग्रीनेडीयर मनु खान (यूनिट-14 ग्रीनेडीयर), श्रीमती केसर कंवर पत्नि स्वर्गीय राइफलमेन निरंजन सिंह (यूनिट-राजराइफल्ज), श्रीमती गुमानी देवी पत्नि स्वर्गीय सिपाही अमर सिंह राठोर (यूनिट-4 राजपूत), हवलदार सुमेर सिंह (यूनिट-20 राजराइफल्ज) शामिल है। सेना अधिकारियों ने इस अवसर पर इस भूमि को नमन् करते हुए बताया कि चूरु की भूमि ने कई वीर सपूतों को जन्म दिया है। जिन्होंने सदैव मातृभूमि की रक्षा को अपना परम दायित्व समझा और अवसर मिलने पर युद्ध कौशल और साहस का परिचय देकर राजस्थान का नाम रोशन किया।