कोठारी अस्पताल में होंठ के कैंसर से विकृत हुए माइक्रोवास्कूलर पद्धति से होंठ का पुन:निर्माण


 



 


बीकानेर, 05 दिसम्बर (छोटीकाशी डॉट पेज)। कोठारी अस्पताल में कैंसर रोग के कारण क्षतिग्रस्त हुए होंठ का पुन: निर्माण का ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओ.पी.श्रीवास्तव ने बताया कि जालवाली घड़साना, श्रीगंगानगर निवासी 70 वर्षीय गिरधारीलाल कई वर्षों से होंठ के कैंसर रोग से पीडि़त था। जिसके कारण निचला होंठ क्षतिग्रस्त हो गया। इससे मरीज को खाने एवं पीने में परेशानी हो रही थी। मरीज ने अस्पताल में मुंह एवं गला कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. गुरुप्रीत सिंह गिल से परामर्श हेतू सम्पर्क किया। मरीज का ऑपरेशन के दौरान निचले होंठ को निकालकर कैंसर से पूर्णतया साफ किया गया एवं माइक्रोवास्कूलर पद्धति से होंठ का पुन:निर्माण प्लास्टिक सर्जरी द्वारा किया गया। मरीज अब पूर्णत: स्वस्थ है। अस्पताल के वरिष्ठ नाक कान एवं गला रोग विशेषज्ञ डॉ. अजीतसिंह एवं डॉ. पुष्पेंद्र शेखावत ने बताया कि बीकानेर के चिकित्सा इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि है। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि टाटा कैंसर हॉस्पिटल, मुम्बई से मुंह एवं गले के जटिल ऑपरेशनों का प्रशिक्षण प्राप्त डॉ. गुरुप्रित सिंह गिल की सेवाएं नियमित उपलब्ध है। डॉ. गुरुप्रित सिंह गिल ने बताया कि इससे पहले इस प्रकार के जटिल कैंसर के उपचार हेतू रोगियों को दिल्ली, मुम्बई अथवा जयपुर जैसे शहरों में जाना पड़ता था। अब बीकानेर के कोठारी अस्पताल में इस प्रकार के ऑपरेशन की सुविधा नियमित रुप से उपलब्ध है। प्लास्टिक सर्जन डॉ. अक्षत वहल तथा डॉ. सतनाम अरोड़ा, प्रीति राठौड़, रामकुमार चौधरी, मृदुला व्यास, विरेंद्र सिंह एवं नारायणदास सोनगरा द्वारा ऑपरेशन में पूर्ण सहयोग दिया गया।


 



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