'देशी पावणों' से गुलजार हो रहा बीकानेर, पर्यटन को मिल रही 'ऑक्सीजन' : आनंद व्यास






बीकानेर, 27 दिसम्बर (छोटीकाशी डॉट पेज)। कोविड-19 कोरोना महामारी के 1 साल बीत जाने के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा लॉकडाउन में दी गयी छूट का फायदा धीरे-धीरे अब लोग ले रहे हैं। बीते 10 महीनों से बंद शहर के पर्यटक स्थलों के साथ-साथ यहां के होटल भी 'देशी पावणों' (पर्यटकों) से गुलजार होने लगे हैं। साल के आखिरी महीने दिसम्बर में शीतकालीन अवकाश का फायदा पर्यटक उठा रहे हैं और मनपसंद जगहों पर भ्रमण पर आ-जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि इससे पर्यटन से जुड़े लोगों को अब वापिस रोजगार मिलेगा। जिससे आने वाले देशी पर्यटक भी खुश दिख रहे हैं। टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन के बीकानेर संभाग अध्यक्ष आनंद व्यास का कहना है कि 10 महीनों से पर्यटन को एक तरह से 'ग्रहण' लग गया था लेकिन अब यहां के पर्यटन और उससे जुड़े लोगों को 'ऑक्सीजन' मिलने का काम हो रहा है और निश्चित तौर पर धीरे-धीरे पुन: पर्यटन गति पकड़ेगा। उन्होंने पर्यटन से जुड़े लोगों से अपील भी की है कि कोविड-19 गाइडलाइन की पालना करें, किसी भी प्रकार की रिस्क न तो स्वयं लेवें और ना ही पर्यटक को लेने दें। कोरोना खत्म नहीं हुआ है। अपने और 'अतिथि देवो भव:' की भावना के मद्देनजर बाहर से आए 'देशी पावणों' के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कार्य के दौरान मास्क, सैनेटाइजर और सोशियल डिस्टेंसिंग भी रखें। हालांकि इस दौरान होटलों द्वारा भी बाकायदा कोविड-19 की गाइडलाइन पालन करवायी जा रही है। पिछले तीन दिनों की रिपोर्ट से पता चलता है कि पड़ौसी राज्य दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक भ्रमण पर आए हैं। हालांकि जुलाई महीने से भ्रमण पर पर्यटक आना शुरु हो गए थे लेकिन अब काफी संख्या में देशी सैलानी आ रहे हैं। शहर के लगभग 25 हजार लोगों को पुन: पर्यटन से रोजगार मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लगे लॉकडाउन की वजह से पर्यटकों का आंकड़ा शून्य पर आ गया लेकिन अब पर्यटकों के आने से पर्यटन से जुड़े लोगों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।