बीकानेर में शातिर हसीनाओं ने बिछा रखा है हनी ट्रेप का जाल..

 


जयपुर तक फैला है नेटवर्क, लाखों रूपये लेकर करती है समझौता


बीकानेर। शहर में हनीट्रैप का मामला इन दिनों सुर्खियों पर बना हुआ है। जबकि हकीकत यह है कि बीकानेर में शातिर हसीनाओं ने लंबे समय से हनी ट्रेप का जाल बिछा रखा है। सोशल मीडिया पर ऑनलाईन रहने वाली यह हसीनाएं धनाढ्य परिवार के लोगों को अपने जाल में फसाकर उनसे लाखों रूपये वसूलती है और वसूली के लिये इनके साथ बदमाशों की गैंग भी शामिल है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि पिछले करीब तीन साल से सक्रिय इन स्वाति, नैना, ईशू, नेहा, सुनिता, संगीनी सरनेम वाली इन शातिर बालाओं के बारे में पुख्ता जानकारी के बावजूद पुलिस भी इन पर कानूनी शिंकजा कसने में नाकाम बनी हुई है, कई तथाकथित वकील भी इन हसीनाओं के नेटवर्क से जुड़े हुए है। फेसबुक और इंस्टग्राम पर अपना जाल फैलाये रखने वाली यह हसीनाएं पहले ऑनलाईन दोस्ती कर मेल मुलाकात का सिलसिला शुरू करती है, फिर हमबिस्तरी कर रूपये के लिये दबाव बनाना शुरू कर देती है, मना करने पर दुष्कर्म और देह शोषण का केस दर्ज कराने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर देती है। इस तरह के केस बीते सालभर के अंतराल में जिला पुलिस के कई थानों में दर्ज हो चुके है। यह भी सामने आया है कि मालदारों को हुस्न के जाल में फंसाने में माहिर यह हसीनाएं स्वर्णकारों, कॉलोनाईजरों, बिल्डरों और प्रतिष्ठित परिवारों के लोगों को अपना शिकार बनाती है। हालांकि सालभर पहले तक शहर में गिनी चुनी ही शातिर हसीनाएं थी, जिनके नाम हनी ट्रेप की घटनाओं में सामने आये थे, लेकिन अब इनकी फेहरिश्त बढ गई है। इन हसीनाओं से जुड़े मामलों की पड़ताल में सामने आया है कि इनके जाल में फंसे ज्यादात्तर पीडि़त पुलिस को शिकायत दर्ज करने से भी घबराते है, जबकि यह हसीनाएं पहले परिवाद पेश करती है फिर केस दर्ज करवाकर बाद में लाखों रूपये की डील हो जाने के बाद समझौता या राजीनामा कर लेती है। यह सारा खेल लाखों में होता है, इससे पुलिस भी अनजान नहीं है।