कलेक्टर गौतम के निर्देश : पाटों पर बैठे मिले तो जाएंगे जेल, गमछा नहीं लगाना होगा मास्क


 


बीकानेर, 1 जुलाई (छोटीकाशी डॉट पेज)। राजस्थान में बीकानेर कलक्टर कुमारपाल गौतम ने बुधवार को कहा कि रात 10 से 5 बजे तक कफ्र्यू के आदेश है। इस दौरान पुलिस दल गश्त पर रहें और अकारण घूमते पाए जाने वाले व्यक्तियों पर कड़ी कार्यवाही करें। उन्होंने विभिन्न थाना क्षेत्रों में एरिया मजिस्ट्रेट और थानाधिकारियों से फील्ड की स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्देश देते हुए कहा कि आरम्भिक दौर में बीकानेर में जोखिम क्षेत्र (कन्टेनमेंट) पर काफी अच्छा काम हुआ है, अब नए मामले सामने आ रहे हैं अत: संक्रमण रोकना प्रशासन की प्राथमिकता में है। गौतम ने कहा कि सभी लोग जिम्मेदारी समझे, यदि कोई रात के समय पाटों पर बैठे या सड़कों पर घूमते पाया गया तो उस पर कड़ी कार्यवाही करते हुए जेल भेजा जाएगा। गौतम ने कहा कि प्राय: देखने में आया कि लोग मास्क के विकल्प में गमछा सिर पर रखते हैं और पुलिस को देखते ही गमछा मुंह पर लगा लेते हैं यह बैड प्रेक्टिस है कोई ऐसा करता पाया गया तो कड़ी कार्यवाही की जाएगी। गौतम ने कहा कि कम्यूनिटी स्प्रैड की स्थिति से बचाने के लिए आवश्यकता पडऩे पर कफ्र्यू एरिया की परिधि बढ़ाई जाएगी। इसके लिए सभी अधिकारियों को उचित कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। गौतम ने कहा कि कोविड 19 के गैर लक्षण (असिम्प्टोमेटिक) वाले मरीजों को भविष्य में एकांतवास (होम आइसोलेट) किया जा सकता है, इस सम्बंध में स्वास्थ्य व पुलिस विभाग की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा कि मरीज में यदि कोविड के लक्षण नहीं आते हैं तथा उसके घर में आईसोलेट होने की सुविधा उपलब्ध होने पर उसे घर में ही रहने की अनुमति दी जा सकेगी। फील्ड अधिकारियों से सुझाव लेते हुए गौतम ने कहा कि कोई भी समस्या आने पर तुरंत एरिया मजिस्ट्रेट के साथ समन्वय करते हुए निर्णय लें और समाधान करें। बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा ने कहा कि कोरोना संक्रमण बहुत तेजी से फैलता है संक्रमण का एक मामला भी पूरे समाज के लिए खतरा है इसलिए अधिकारी अतिरिक्त सतर्कता रखते हुए टीम को एक्टिव करें और एडवायजरी की अनुपालना करवाएं। उन्होंने कहा कि यह वायरस 72 घंटे से भी अधिक समय तक एक्टिव रह सकता है इसलिए सार्वजनिक स्थानों पर थूकने जैसे मामलों को ज्यादा गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्यवाही करें। जैसे ही कोरोना संक्रमित मिलता है उसके कॉन्ट्रेक्ट ट्रैसिंग का काम तेजी से करें ताकि सम्पर्क में आए समस्त लोगों की पहचान की जा सके।